Sunday, October 1, 2017

पुरी कायनात मे सिर्फ नारी के पास ही है जो कल्पवृक्ष से कम नही है।

*बेटी...*
एक बेटी ने अपने पिता से एक प्यारा सा सवाल किया कि पापा ये आंगन मे जो पेड़ है, उसे पीछे वाले बगीचे मे लगा दे तो ? पिता असमंजस मे और बोले बेटी ये चार साल पुराना पेड़ है नई जगह, नई मिट्टी मे ढल पाना मुश्किल होगा । तब बेटी ने जलभरी आंखो से पिता से सवाल किया कि एक पौधा और भी तो है आपके आंगन का जो बाईस बरस पुराना है क्या वो नई जगह पर ढल पाएगा ? पिता बेटी की बात पर सोचते हुए कहा कि यह शक्ति पुरी कायनात मे सिर्फ नारी के पास ही है जो कल्पवृक्ष से कम नही है। खुद नए माहौल मे ढलकर औरो कि सेवा करती है । ताउम्र उनके लिए जीती है ।
बेटी से ही मां, बहन व पत्नि है ।

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