Sunday, October 1, 2017

जीवन सिर्फ एक पल है ...इसे जियो....इसे प्रेम करो...इसका आनंद लो.

एक बार एक आदमी मर जाता है...
**जब उसे इसका एहसास होता है तो वो देखता है की भगवान हाथ में एक सूटकेस लिए उसकी तरफ आ रहें हैं।
**भगवान और उस मृत व्यक्ति के बीच वार्तालाप .....
**भगवान: चलो बच्चे वापिस जाने का समय हो चुका है।
**मृत व्यक्ति: इतनी जल्दी ? मेरी तो अभी बहुत सारी योजनाये बाकी थी।
**भगवान्: मुझे अफ़सोस है लेकिन अब वापिस जाने का समय हो चुका है ।
**मृतव्यक्ति: आपके पास उस सूटकेस में क्या है ?
**भगवान् : तुम्हारा सामान ।
**मृतव्यक्ति: मेरा सामान ? आपका मतलब मेरी वस्तुएँ.. ..मेरे कपड़े....मेरा धन..?
**भगवान्: वो चीजें कभी भी तुम्हारी नहीं थी बल्कि इस पृथ्वी लोक की थी ।
**मृत व्यक्ति: तो क्या इसमें मेरी यादें हैं ?
**भगवान्: नहीं ! उनका सम्बन्ध तो समय से था ।
**मृत व्यक्ति: क्या इसमें मेरी योग्यताएं हैं ?
**भगवान् : नहीं ! उनका सम्बन्ध तो  परिस्थितियों से था।
**मृत व्यक्ति: तब क्या मेरे दोस्त और मेरा परिवार ?
**भगवान्: नहीं प्यारे बच्चे ! उनका सम्बन्ध तो उस रास्ते से था जिस पर तुमने अपनी यात्रा की थी ।
**मृतव्यक्ति: तो क्या ये मेरे बच्चे और पत्नी हैं ?
**भगवान्: नहीं ! उनका सम्बन्ध तो तुम्हारे मन से था।
**मृत व्यक्ति: तब तो ये मेरा शरीर होना चाहिए ?
**भगवान्: नहीं नहीं ! उसका सम्बन्ध तो पृथ्वी की धूल मिटटी से था।
**मृत व्यक्ति: तब  जरूर ये मेरी आत्मा होनी चाहिए!
**भगवान्: तुम फिर गलत समझ रहे हो मीठे बच्चे ! तुम्हारी आत्मा का सम्बन्ध सिर्फ मुझसे है ।
**उस मृतव्यक्ति ने आँखों में आंसू भरकर भगवान के हाथों से सूटकेस लिया और उसे  डरते डरते खोला..
**यह तो खाली.....
**अत्यंत निराश.........दुखी होने के कारण आंसू उसके गालो पर लुढकते हुए बहने लगे। उसने भगवान् से पूछा।
**मृतव्यक्ति: क्या कभी मेरी अपनी कोई चीज थी ही नहीं ?
**भगवान्: बिलकुल ठीक ! तुम्हारी अपनी कोई चीज नहीं थी ।
**मृत व्यक्ति: तब..मेरा अपना था क्या ?
**भगवान: तुम्हारे पल.......
प्रत्येक लम्हा.. प्रत्येक क्षण जो तुमने जिया वो तुम्हारा था ।
**इसलिए हर पल अच्छा काम करो ।
**हर क्षण अच्छा सोचो ।
और हर लम्हा भगवान का शुक्रिया अदा करो ।
**जीवन सिर्फ एक पल है ...
**इसे जियो....
इसे प्रेम करो...
इसका आनंद लो....

No comments:

Post a Comment

Developed By sarkar